सभी-प्रकार-के-गायत्री-मंत्र

परमहंस गायत्री मंत्र – Paramahansa Gayatri Mantra
ऊँ परमहंसाय विद्महे महातत्त्वाय धीमहि तन्नो हंस: प्रचोदयात्।
ब्रह्मा गायत्री मंत्र – Brahma Gayatri Mantra
ऊँ वेदात्मने च विद्महे हिरण्य गर्भाय धीमहि, तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात्।
सरस्वती गायत्री मंत्र – Saraswati Gayatri Mantra
ऊँ ऎं वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
राम गायत्री मंत्र – Ram Gayatri Mantra
ऊँ दशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि, तन्नो राम: प्रचोदयात्।
सीता गायत्री मंत्र – Sita Gayatri Mantra
ऊँ जनकाय विद्महे राम प्रियाय धीमहि, तन्नो सीता प्रचोदयात्।
लक्ष्मण गायत्री मंत्र – Lakshman Gayatri Mantra
ऊँ दशरथये विद्महे अलबेलाय धीमहि तन्नो लक्ष्मण प्रचोदयात्।
हनुमान गायत्री मंत्र – Hanuman Gayatri Mantra
ऊँ अंजनीजाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्।
राधिका गायत्री मंत्र – Radhika Gayatri Mantra
ऊँ वशभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि, तन्नो राधिका प्रचोदयात्।
कृष्ण गायत्री मंत्र – Krishna Gayatri Mantra
ऊँ देवकी नन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात्।
गोपाल गायत्री मंत्र – Gopal Gayatri Mantra
ऊँ गोपालाय विद्महे गोपीजन वल्लभाय धीमहि, तन्नो गोपाल: प्रचोदयात्।
विष्णु गायत्री मंत्र – Vishnu Gayatri Mantra
ऊँ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु: प्रचोदयात्।
लक्ष्मी गायत्री मंत्र – Lakshmi Gayatri Mantra
ऊँ महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात्।
नारायण गायत्री मंत्र – Narayan Gayatri Mantra
ऊँ नारायण: विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो नारायण: प्रचोदयात्।
त्रिलोक्य मोहन गायत्री मंत्र – Trilokya Mohan Gayatri Mantra
ऊँ त्रैलोक्य मोहनाय विद्महे आत्मारामाय धीमहि, तन्नो विष्णु: प्रचोदयात्।
परशुराम गायत्री मंत्र – Prashuram Gayatri Mantra
ऊँ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि, तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्।
नरसिंह गायत्री मंत्र – Narsimha Gayatri Mantra
ऊँ उग्र नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि, तन्नो नृसिंह: प्रचोदयात्।
शिव गायत्री मंत्र – Shiv Gayatri Mantra
ऊँ महादेवाय विद्महे रुद्र मूर्तये धीमहि, तन्नो शिव: प्रचोदयात्।
रूद्र गायत्री मंत्र – Rudra Gayatri Mantra
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।
गौरी गायत्री मंत्र – Gauri Gayatri Mantra
ऊँ सुभगायै च विद्महे काम मालार्य धीमहि, तन्नो गौरी प्रचोदयात्।
गणेश गायत्री मंत्र – Ganesh Gayatri Mantra
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे वक्र तुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्।
सन्मुख गायत्री मंत्र – Sanmukh Gayatri Mantra
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि, तन्नो षण्मुख: प्रचोदयात्।
नन्दी गायत्री मंत्र – NandiGayatri Mantra
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे वक्र तुण्डाय धीमहि, तन्नो नन्दी: प्रचोदयात्।
सूर्य गायत्री मंत्र – Surya Gayatri Mantra
ऊँ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि, तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्।
चन्द्र गायत्री मंत्र – Chandra Gayatri Mantra
ऊँ क्षीर पुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि, तन्नो चन्द्र: प्रचोदयात्।
भौम(मंगल) गायत्री मंत्र – Bhaum(Mars) Gayatri Mantra
ऊँ अंगारकाय विद्महे शक्ति: हस्तात धीमहि, तन्नो भौम: प्रचोदयात्।
पृथ्वी गायत्री मंत्र – Prithvi Gayatri Mantra
ऊँ पृथ्वी देव्यै च धीमहि सहस्र मूर्त्यै च धीमहि, तन्नो मही प्रचोदयात्।
अग्नि गायत्री मंत्र – Agni Gayatri Mantra
ऊँ महाज्वालाय विद्महे अग्नि मध्न्याय धीमहि, तन्नो अग्नि प्रचोदयात्।
जल गायत्री मंत्र – Jal Gayatri Mantra
ऊँ जलबिंबाय विद्महे नील पुरुषाय धीमहि, तन्नो अम्बु: प्रचोदयात्।
आकाश गायत्री मंत्र – Akash Gayatri Mantra
ऊँ आकाशाय च विद्महे नभो देवाय धीमहि, तन्नो गगनं प्रचोदयात्।
इन्द्र गायत्री मंत्र – Indra Gayatri Mantra
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे सहस्राक्षाय धीमहि, तन्नो इन्द्र: प्रचोदयात्।
काम गायत्री मंत्र – Kaam Gayatri Mantra
ऊँ मन्मथेशाय विद्महे काम देवाय धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्।
गुरु गायत्री मंत्र – Guru Gayatri Mantra
ऊँ गुरु देवाय विद्महे पर ब्रह्माय धीमहि, तन्नो गुरु: प्रचोदयात्।
तुलसी गायत्री मंत्र – Tulasi Gayatri Mantra
ऊँ श्रीत्रिपुराय हृदयाय तुलसीपत्राय धीमहि । तन्नो तुलसी प्रचोदयात्।
देवी गायत्री मंत्र – Devi Gayatri Mantra
ऊँ देव्यै ब्रह्माण्यै विद्महे महाशक्त्यै च धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
शक्ति गायत्री मंत्र – Shakti Gayatri Mantra
ऊँ सर्व सम्मोहिन्यै विद्महे विश्वजनन्यै धीमहि, तन्नो शक्ति प्रचोदयात्।
अन्नपूर्णा गायत्री मंत्र – Annapurna Gayatri Mantra
ऊँ भगवत्यै च विद्महे माहेश्वर्यै च धीमहि, तन्नो अन्नपूर्णा प्रचोदयात्।
काली गायत्री मंत्र – Kali Gayatri Mantra
ऊँ कालिकाये च विद्महे श्मशान वासिन्यै धीमहि, तन्नो अघोरा प्रचोदयात्।
तारा गायत्री मंत्र – Tara Gayatri Mantra
ऊँ ताराय च विद्महे महोग्रायै च धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
त्रिपुर सुन्दरी(षोडशी) गायत्री मंत्र – Tripur Sundari(Shodashi) Gayatri Mantra
ऊँ त्रिपुरा देव्यै विद्महे क्लीं कामेश्वर्यै धीमहि, सौस्तन्न: क्लिन्नै प्रचोदयात्।
भुवनेश्वरी गायत्री मंत्र – Bhuvneshvari Gayatri Mantra
ऊँ नारायण्यै च विद्महे भुवनेश्वर्यै धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
भैरवी गायत्री मंत्र – Bhairavi Gayatri Mantra
ऊँ त्रिपुरायै च विद्महे भैरव्यै च धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
छिन्नमस्तिका गायत्री मंत्र – Chhinnamastika Gayatri Mantra
ऊँ वैरोचन्यै च विद्महे छिन्नमस्तायै धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
धूमावती गायत्री मंत्र – Dhumavati Gayatri Mantra
ऊँ धूमावत्यै च विद्महे संहारिण्यै च धीमहि, तन्नो धूमा प्रचोदयात्।
बगलामुखी गायत्री मंत्र – Bagalamukhi Gayatri Mantra
ऊँ बगुलामुख्यै च विद्महे स्तंभिन्यै च धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
मातंगी गायत्री मंत्र – Matangi Gayatri Mantra
ऊँ मांतग्यै च विद्महे उच्छिष्टचाण्डाल्यै च धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
महिषासुरमर्दिनी गायत्री मंत्र – Mahishasur Mardini Gayatri Mantra
ऊँ महिषर्माद्दयै च विद्महे दुर्गायै च धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
त्वरित गायत्री मंत्र – Tvarit Gayatri Mantra
ऊँ त्वरिता देव्यै च विद्महे महानित्यायै धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
कामदेव गायत्री मंत्र – Kaamdev Gayatri Mantra
ऊँ कामदेवाय विद्महे पुष्पबाणाय धीमहि, तन्नो नंग प्रचोदयात्।
सूर्य गायत्री मंत्र – Surya Gayatri Mantra
ऊँ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात्।
चंद्र गायत्री मंत्र – Chandra Gayatri Mantra
ऊँ अत्रिपुत्राय विद्महे सागरोद्भवाय धीमहि तन्नश्चन्द: प्रचोदयात्।
मंगल गायत्री मंत्र – Mangal Gayatri Mantra
ऊँ क्षिति पुत्राय विद्महे लोहितांगाय धीमहि-तन्नो भौम: प्रचोदयात्।
बुध गायत्री मंत्र – Budh Gayatri Mantra
ऊँ चन्द्रपुत्राय विद्महे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुध: प्रचोदयात्।
बृहस्पति गायत्री मंत्र – Brahaspati Gayatri Mantra
ऊँ अंगिरोजाताया विद्महे वाचस्पति धीमहि तन्नो गुरू प्रचोदयात्।
शुक्र गायत्री मंत्र – Shukra Gayatri Mantra
ऊँ भृगुवंशजाताय विद्महे श्वेतवाहनाय धीमहि तन्न: कवि: प्रचोदयात्।
शनि गायत्री मंत्र – Shani Gayatri Mantra
ऊँ कृष्णांगाय विद्महे रवि पुत्राय धीमहि तन्नो सौरि: प्रचोदयात्।
राहु गायत्री मंत्र – Rahu Gayatri Mantra
ऊँ नीलवर्णायविद्महे सौंहिकेयाय धीमहि तन्नो राहु: प्रचोदयात्।
केतु गायत्री मंत्र – Ketu Gayatri Mantra
ऊँ अत्रवाय विद्महे कपोतवाहनाय धीमहि तन्नो केतु प्रचोदयात्।