शनि त्रयोदशी (शनि प्रदोष) व्रत की विधि एवं कथा - Shani Pradosh Vrat Vidhi and Katha in Hindi

तिथि :- २६ मई (शनिवार) २०१८, 26 May 2018 (Saturday)
२२ सितम्बर (शनिवार) २०१८, 22 September 2018 (Saturday) &
०६ अक्तूबर (शनिवार) २०१८, 06 October 2018 (Saturday)

शनि त्रयोदशी (शनि प्रदोष) पूजन सामग्री:- - Shani Pradosh worship materials

• धूप
• दीप
• घी
• सफेद पुष्प
• सफेद फूलों की माला
• आंकड़े का फूल
• सफेद मिठाइयां
• सफेद चंदन
• सफेद वस्त्र
• जल से भरा हुआ कलश
• कपूर
• आरती के लिये थाली
• बेल-पत्र
• धतुरा
• भांग
• हवन सामग्री
• आम की लकड़ी

शनि प्रदोष व्रत की विधि - Shani Pradosh Vrat Method in hindi

शनि प्रदोष व्रत के दिन व्रती को प्रात:काल उठकर नित्य क्रम से निवृत हो स्नान कर शिव जी का पूजन करना चाहिये। पूरे दिन मन ही मन “ऊँ नम: शिवाय ” का जप करें। पूरे दिन निराहार रहें। त्रयोदशी के दिन प्रदोष काल में यानी सुर्यास्त से तीन घड़ी पूर्व, शिव जी का पूजन करना चाहिये। शनि प्रदोष व्रत की पूजा शाम 4:30 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे के बीच की जाती है। व्रती को चाहिये की शाम को दुबारा स्नान कर स्वच्छ श्वेत वस्त्र धारण कर लें । पूजा स्थल अथवा पूजा गृह को शुद्ध कर लें। यदि व्रती चाहे तो शिव मंदिर में भी जा कर पूजा कर सकते हैं।

vijaya ekadashi vrat katha

आरती एवं उद्यापन कथा के अंत मे दी गयी है।